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अनूपपुर: खतरे की घंटी बजती रामपुर कभी भी कोई बड़ा घटना हो सकता है- अखिलेश त्रिपाठी

खतरे की घंटी बजती रामपुर कभी भी कोई बड़ा घटना हो सकता है *भूपेश शर्मा सामाजिक कार्यकर्ता अखिलेश त्रिपाठी*

 रामपुर बटुरा खुली खदान परियोजना प्रभावित क्षेत्र या खदान के अंदर रह रहे परिवार और स्कूल को राजस्थान के बाद बगल में बने अग्रवाल लाज कोतमा के बाद भी एस ई सी एल प्रबंधन सोहागपुर एरिया अंतर्गत रामपुर बटुरा खुली खदान परियोजना के जिम्मेदार प्रबंधन और प्रशासन हमारे यहां के जनप्रतिनिधि विद्यालय स्थानांतरण और पुनर्वास पुनर्स्थापना की कार्यवाही अतिशीघ्र कराया जाए नहीं कराया जा रहा तो क्या उस दिन का इंतजार हो रहा है राजस्थान या हाल में कोतमा अग्रवाल लाज जो देखते ही देखते मलवे में तब्दील हो गया कुछ मकानों को बिना नोटिस मकान गिरा दिया गया पेड़ पौधे काट दिया गया जिला कलेक्टर महोदय के पत्राचार के बाद भी स्कूल का स्थानांतरण नहीं हुआ इसके पूर्व रामपुर में ब्लास्टिंग से कुछ मकान गिरे लोग दब गए किसी तरह से जान बचाया गया कितना दुर्भाग्य पूर्ण समय है कि खदान के अंदर रह रहे लोगों को सरकारी सार्वजनिक भवन सामुदायिक भवन में शिप्ट कर दिया गया अब कुछ लोगों के ऊपर दबाव बनाया जा रहा है कि गांव के ही किसी घरों में स्थानांतरण कर खदान परियोजना को आगे बढ़ाया जाए और वह हो रहा है जब जब किसान लड़ाई लड़ी अपने हक के लिए तो आंदोलन रोकने के लिए या सही भाषा कहूं तो कुचलने के लिए अंग्रेजी शासन जैसे फूट डालो और राज करो किया जा रहा है लेकिन यहां भी जनता की अगली लड़ाई जहां से कानून बनाया या संशोधन किया जाता और किसानों के जमीन लेने के बाद ऐसा रिकॉर्ड मांगा जाता है जिसको किसान न जनता है और न सुना है केवल नौकरी और मुआवजा कैसे रोक सकते हैं उसके साथ खदान चलाकर टारगेट पूरा किया जाए यह सब चल रहा है सामाजिक कार्यकर्ता भूपेश शर्मा ने प्रबंधन और प्रशासन से अपील किया है कि भैरूलाल, नेमसाय, गुलजार राठौर, लखन राठौर, ममता, सहित अन्य किसान परिवारों को पुनर्वास, पुनर्स्थापना और आर एंड आर की राशि 3 लाख रुपए से बढ़ा कर 7 लाख की राशि  देने की बात हुई वह तत्काल दिया जाए 22 मकान मुआवजा का एप्रूवल हुआ 3 वर्ष पहले जिसमें 21 परिवारों को भुगतान किया गया आज वह परिवार कहा है पता नहीं एक परिवार को नहीं मिला क्यूं नहीं मिला यह स्पष्ट नहीं है अब 58 मकान का अप्रूवल हुआ 970 मकान का शेष है क्यू कि अभी खदान की आवश्यकता के लिए हो गया चाहते तो एक साथ हो सकता था लेकिन नहीं हुआ अब जब जरूरत होगी 10, पांच साल बाद तब का तब देखा जाएगा ऐसी स्थिति के बाद भी प्रबंधन को दो दिन पहले एसडीएम सोहागपुर द्वारा दिशानिर्देश जारी किए गए हैं कि जल्द से जल्द निराकरण करे किसानों संदर्भ में जो भी कारवाही किया गया या किया जा रहा है खास कर रामपुर, बेलिया,खाडा,अतरिया, के डी आर सी सी में लिए गए निर्णय की प्रति उपलब्ध कराए और किसानों के पुनर्वास, पुनर्स्थापना, आर एंड आर, और विस्थापन की कार्रवाई को लेकर किस प्रकार से प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है मुख्यालय एवं जिला प्रशासन को किए गए पत्राचार की छाया प्रति सत्यापित उपलब्ध कराए यहां तक की पंचायत भवनों में जाकर चश्पा कराए ऐसा निर्देश अनुविभागीय दंडाधिकारी सोहागपुर के द्वारा दी गई है इसके बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई ना ही कोई प्रति उपलब्ध कराई गई है अब किसानों ने निश्चय किया है कि अगली लड़ाई सीसीएल मुख्यालय बिलासपुर में मेंन गेट पर धरना प्रदर्शन करते हुए मुख्य गेट में ताला बंद करेंगे जब तक की रामपुर बकरा खुली खदान परियोजना प्रभावितों को उनके समस्त अधिकारों को प्राप्त नहीं होगा आज के वर्तमान समय में रामपुर बटुरा मेगा प्रोजेक्ट से सोहागपुर को जाना जाता है लेकिन देखेंगे तो रामपुर ब** खुली खदान परियोजना प्रभावित किसानों के हित में अभी तक कोई सामाजिक समरसता को लेकर कोई काम नहीं किया गया केवल बीच-बीच में स्वास्थ्य कैंप दिखाने के लिए किया जाता है या कोई आंदोलन की चेतावनी हो जाती है तब कर दिया जाता है तो जनता को गुमराह करने की पूरी साजिश रची जा रही है

प्रेस के माध्यम से जो लिखा गया है उसको ध्यान आकर्षण के लिए है जो पत्रकार साथियों से निवेदन है रामपुर बटुरा खुली खदान परियोजना प्रभावित गांवों का दौरा कर भौतिक सत्यापन करने के पश्चात प्रबंधन और प्रशासन से भी बात चीत कर प्रकाशित करें तो सत्तता सामने आएगी अब अगली तैयारी करो या मरो के नारे के साथ होगा पुरानी प्रेस विज्ञप्ति की कॉपी कलेक्टर महोदय को लिखा पत्र इसके बाद कलेक्टर महोदय द्वारा जारी आदेश संलग्न हैं।

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